रिश्ते किताब के पन्नों की तरह

होते हैं जिसमें कई पन्ने जुड़े होते हैं,

गलती होने पर एक पन्ना फाड़ देना,

पर किताब को नहीं खोना ।

जीवन का आधार रिश्ते ही होते हैं

जिनसे हमारे जीवन की डोर जुड़ी

होती है,

जीवन के हर पड़ाव में हमारे साथ होते हैं

इसलिए रिश्तों को हर हाल में संभाल कर

रखना चाहिए, यही जीवन की सच्चाई है ।।