पिंजरा वो चीज है जो
स्वतंत्रता छीन लेता है
चाहे इंसान हो या जानवर
या कोई पंछी
कैद चाहे सोने के पिंजरे
में हो चाहे लोहे के
सांसे घुटती हैं और आजादी
छिन जाती है ।
आजादी एहसास है स्वतंत्र
विचरण करने का
किसी नियंत्रण में नहीं रहने का
दबाव या बंदिश किसी को
नहीं पसंद आता है
इसलिए कोई भी कैद में नहीं
रहना चाहता है ।।


