सुबह होने तक फूलों को पता नहीं होता,

की मंदिर में भगवान के गले का हार बनेंगे,

या किसी के कब्र पर चढ़ाए जायेंगे,

जिंदगी को भी पता नहीं होता की,

कब खुशी से खिलाएगी या कब मायूसी

के चादर में सिमट जाएगी ।

इसलिए जो पल आपके पास हैं उनमें

हंसिए खिलखिलाइए कौन जाने कब

जिंदगी की शाम हो जाए ।।