हर पेशा गर अपने कर्तव्यों के प्रति

ईमानदार हो जाए,

देश की तरक्की में कोई बाधा ना रह जाए,

अवाम के प्रति न्याय आम हो जाए

ईमानदारी हर पेशे की निगेहबान हो जाए,

देश मे खुशहाली रामराज्य हो जाए,

अमीर गरीब छोटे बड़े का ना रहे अंतर

रसूख के प्रति मोहभंग का डर हो छूमंतर

देश के हर पेशे में विश्वास आ जाए

अपने अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदार

हो जाए,

मिट जाए हर फासला पैगाम हो जाए ।।