नीले गगन में रंग बिरंगी पतंगे उड़ रही हैं,

उनकी डोरी उड़ने वाले के हाथ में हैं,

कहां तक उड़ेगी किस दिशा में उड़ेगी,

उनसे लगी डोरी की लंबाई के साथ है,

कभी कभी उड़ते उड़ते एक दूसरे से

टकराकर काट जाती हैं और ऊंचाई से

सीधे जमीन पर आ जाती हैं,

हम सबके जीवन की पतंग भी ऊपरवाले

के हाथ में है,

हमारी जीवन की गतिविधि उसी के इशारे

पर चलती है, हमारा जीवन आसमान की

बुलंदियां छुएगा या जमींदोज हो जायेगा

ऊपरवाले के हाथ है ।।