परिहास करते हैं जो कमाल करते हैं
जिंदगी के उसूल पर सवाल करते हैं
माना की वक्त आज आपके देहरी पर
खड़ा है,
उस पर गुरुर क्यों जो आज तुमसे जुड़ा है,
जिंदगी के सफर से दो चीज जुड़ी है
सफलता असफलता पर जीवन की नींव
खड़ी है,
स्वागत करो उस वक्त का जो आज आपका
शोहरत मिली है अगर तो परिहास क्यों
किसी का ।।

