कहते हैं कि

ढलना एक दिन सभी को है

चाहे इंसान हो या सूरज

पर हौसला सूरज से सीखो

जो रोज ढलने के बाद भी

नई उम्मीद और नई सुबह

के साथ हम सबको प्रकाश

देता है ।

उम्मीद और हौसला किसी

भी उम्र में नहीं छोड़ना चाहिए

कामयाबी इंसान को कभी भी

मिल सकती है ।।