नदी की धारा जिस दिशा में बहती है,

कुछ भी वस्तु उसमें डाल दें वो धारा के दिशा

में बह जाती है,

कोई तैराक भी नदी में तैरने के लिए

उतरता है धारा के दिशा में ही तैरना पड़ता है,

धारा के विपरीत तैरने की कोशिश करेगा तो

या तैर कर पार नहीं हो पाएगा,

या धारा के प्रवाह में उलझ कर डूब जायेगा ।

जीवन का भी संदेश यही है कि

वक्त के साथ चलो जीवन सरल सुगम होगा

वक्त के विपरीत चलोगे अस्तित्व हीन हो जाओगे ।।