मैं जहां से चला था वहीं खड़ा हूं

रास्ते बदले बहुत आज भी वहीं पड़ा हूं,

जिंदगी के सफर में रास्ते बहुत मिलते हैं

कौन रास्ता हमारी मंजिल पर पहुंचेगा

यह प्रश्न बड़ा है ।

हर रास्ता हमारी मंजिल तक पहुंचता नहीं

अगर चुन लिया रास्ता अलग चलते रहेंगे

जिंदगी भर,

पर चारों ओर चलकर भी वहीं आ जाते हैं

जिस रास्ते से जीवन सफर शुरू किया था ।

चुनाव ही हमारा भविष्य बनाता है

कर्ण जैसा ज्ञानी और पराक्रमी योद्धा,

अपने गलत चुनाव के कारण ही अपने अनुज

के हाथ मारा गया ।

महाभारत में श्री कृष्ण ने समझाया की इंसान

का भविष्य उसके चुनाव पर निर्भर होता है ।।