चंद सांसों में सिमटी है
अपनी जिन्दगी,
फिर भी हमें अभिमान है
सांसे रुकते ही बाहर कर
दिया जाता है,
इस जीवन का यही
अंजाम है ।
माया मोह के जाल में ऊलझा
जीवन लालच का जंजाल है,
ना कुछ लेकर आये,
ना कुछ लेकर जाएंगे
यही जीवन का सत्य ज्ञान है ।

चंद सांसों में सिमटी है
अपनी जिन्दगी,
फिर भी हमें अभिमान है
सांसे रुकते ही बाहर कर
दिया जाता है,
इस जीवन का यही
अंजाम है ।
माया मोह के जाल में ऊलझा
जीवन लालच का जंजाल है,
ना कुछ लेकर आये,
ना कुछ लेकर जाएंगे
यही जीवन का सत्य ज्ञान है ।