मां के खून के एक एक कतरा से मेरा जिस्म बना,

उसके दूध के मिठास से मेरे जीवन का हर फूल खिला,

जिसके आंचल के तले जन्नत का एहसास होता है,

मां के ममता में हमें हर गम दूर होता है,

मां तो स्वर्ग से धरती पर उतरी देवी है,

जिसके आंचल के तले जीवन पलता है,

एक मुस्कान के लिए न्योछावर हो जाती है मां,

अपने बच्चों की खुशी के लिए ,

उसका जीवन संवरता है ।

उसका जीवन उसकी खुशी का हर पल,

अपने बच्चों की दुआओं में बीत जाता है,

उसके जीवन का खुशी और गम बच्चे की

एक मुस्कान पर न्योछावर हो जाता है ।।