लाखों करोड़ों जब लूटा जनता के टैक्स का
जेल जाने में कोई बुराई नहीं
खुद के वसूलों पर कायम रह ना सके
तो पछताने से कोई सफाई नहीं
सच तो जाहिर होना था एक दिन
पाप छिपता नहीं लाख कोशिश करो
सच के आड़ में झूठ छिपता नहीं
ऐसी कमाई की कोई भलाई नहीं ।
दाग दामन पर एक दिन जो लग ही गई
कैसे बेदाग खुद को साबित करो,
जन आंदोलन के सच्चे सिपाही बने
आज जनता की कोई भलाई नहीं ।।


