एक ख्वाब जिंदगी है तो,

ख्वाब पूरा क्यों नहीं होते,

लाख कोशिशों पर भी

पूरा क्यों नहीं होते ।

इन्सानों की मजबूरी है,

सिर्फ ख्वाब सजाने की,

ख्वाब पूरा होने के लिए

नियति भी जरूरी है ।

कुछ खास बनने के लिए,

दो चीज है जरूरी,

तबदीर और तकदीर का संगम

ख्वाब पूरा होने के लिए जरूरी ।।