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खुदा नहीं


गलतियों से जुदातुम भी नहीं मैं भी नहीं

हम इंसान हैंखुदा तुम भी नहीं

मैं भी नहीं ।इंसान गलतियों का पुतला है

अपनी गलतियों से सीख करएक बेहतर इंसान बनता है ।।

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