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खामोश आंखे


मेरी खामोश आंखे पूछती है

सदा

जो ख्वाब सजाया था जीवन

में पाने के लिए

उन हसरतों को वक्त के बेरुखी

में मिटने ना देना

हालात बनते बिगड़ते हैं जीवन के हर

दौर में

हार मानकर उन हसरतों को जिंदा

दफन मत करना ।

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