डूबा डूबा ऐसा डूबा डूब गया कारवां

कुछ भी खोने को बचा नही फिर डर है कहां

चलते रहा अपने ही धुन में भटकता रहा यहां

होश जब आया तो देखा यूं डूब गया जहां ।

कश्ती जो मेरी भंवर में फंसी बचेगा ना कुछ यहां

सहारा जो मुझको तिनके का मिला एक

साहस भरा

बच जाऊंगा फिर से बनाऊंगा कारवां ।।