जीने की आरजू's image
Share0 Bookmarks 62564 Reads0 Likes

जीने की आरजू में

बिखरते चले गए

अपने ही आप में उलझते चले गए

कभी जिंदगी के हर पल खुशगवार थे

अब

No posts

Comments

No posts

No posts

No posts

No posts