वक्त ऐसा आया जो सब खतम हो गया
इंसानी रिश्तों की खुशबू में जहर घुल गया
एक दूसरे के प्यार जज्बात को
जैसे समय के दीमक ने निगल लिया,
एक दौर ऐसा था कि सहयोग प्यार था
इंसानी रिश्तों में करुणा दया भाव था
एक दूजे की मदद से सब खुशहाल थे
आज अपनों के दरम्यान भी शून्यता आ गया ।।

