हम बोलते नहीं चुप रहते हैं

अपने आकाओं की बात बस सुनते हैं

विरोध करते नहीं जुल्म सहते हैं

महंगाई बेरोजगारी होने पर भी अपना

जीवन बसर बस करते हैं ।

हम आम आदमी का चोला पहन

हर सितम सह कर भी जी लेते हैं

सारी मशरूफियो से घिरे होने पर भी

पल भर सुकून ले लेते हैं ।

हम आदी हैं इन हालातों से इसलिए तो

चुप रहते हैं,

हम बुजदिल नही ना कायर हैं

फिर भी शांत रहते हैं ।।