इंसान जब हालात से बेबस हो जाता है

खुद को ईश्वर के हवाले कर देता है

यही वो स्थिति है जब गरीब अमीर

सभी अपने जीवन की कश्ती को

वास्तविक खेवनहार को समर्पित कर

देता है,

कहा जाता है जब हालात अपने काबू

में ना रहे तो सिर्फ ईश्वर के चरणों में

खुद को समर्पित कर दें ,

दाता भी वही विधाता भी वही विघ्नहर्ता

भी वही विनाशकर्ता भी वही,

इंसान तो मात्र निमित्त है ।।