हालात कैसे भी हों उन्हें स्वीकार करना चाहिए

मुश्किलों के बीच से गुजर कर

अपने वजूद को जिंदा रखना चाहिए,

किसी की काबिलियत और हुनर

ज्यादा दिन तक छुप नहीं सकता

फिर इंतजार किस बात का अपने अंदाज

से अपनी हैसियत का आगाज करना

चाहिए ।

कोई बादल का टुकड़ा सूरज को छिपा नहीं

सकता,

एक रोशनी के झोंका से तितर बितर

होकर बिखर जाता है उसके तेज से ।।