एक तपिश में तपता हुआ जंग लड़ रहा
बिखरे वजूद को हासिल करे ऐसा रंग भर रहा,
हिम्मत और हौसला है अभी मैदाने जंग में
जीतने की बाजी का आगाज कर रहा ।
विश्वास है खुद पर हर मुश्किल से लड़ने की
अपने रसूख को कायम रखूं यह एतबार करने की
होगा वही जो वक्त की तारीख में दर्ज है,
उससे ना कोई बच सका परिणाम सहने की ।।

