एक नजर अपने वजूद पर डाल लीजिए
शायद आपकी सोच बदल जाए,
जो कमियां हम दूसरों मैं ढूंढते है,
अपने खुद की भी हकीकत समझ आ जाए ।
इंसान की ये फितरत है वह दूसरों की कमजोरी
पर नजर रखता है,
अपने आप का आत्मविश्लेषण नहीं करता है,
कुछ तो है जो अपनी सोच गड़बड़ है,
अगर कुछ परखना है तो दूसरों की अच्छाई
को परखे,
जो अपने वजूद के लिए बेहतर है ।।

