हर युग में द्रोपदी का चीर हरण

हर युग में दुशासन की बेशर्मी

कल भी नारी पर अत्याचार हुआ

और आज भी उस पर प्रहार हुआ,

जो आज हो रहा अत्याचार वह पहले

से भी दुर्दांत हुआ ,

उस युग में तो कृष्णा ने नारी लज्जा

मान किया,

पर आज नहीं कोई कृष्ण धरती पर

इंसानियत यूं शर्मसार हुआ ।

कब तक इन दुशासनों से द्रोपदी निर्वस्त्र

की जायेगी,

इन दुष्टों को इस धरती से समूल नष्ट किया

जायेगा ।।