चांद सूरज में भी दुश्मनी है,

पर दोनों दुश्मनी में भी शराफत रखते हैं,

एक जाता है तो दूसरा आता है,

सारी दुनिया को प्रकाश और चांदनी

देते हैं ।

दोस्ती हो या दुश्मनी दोनों की

सीमा रेखा होती है,

उस रेखा को जिसने तोड़ दिया,

उसकी लायकियत नहीं होती है ।।