दुख से दुख की दास्तां's image
78K

दुख से दुख की दास्तां

दुख से दुख मिला दर्द का चला सिलसिला

एक दूजे से बयां करते हालात,

एक बोला मुझे बहुत दुख है देख

समाज के हालात ,

अपने ही लोग अपने को कर रहे प्रतिघात

कोई मजहब के नाम से डराता है

कोई दंगा करवाता है,

दूजा बोला अरे भाई अब तो कहना भी गुनाह है

Read More! Earn More! Learn More!