दिखावा ही दिखावा है हकीकत नहीं है,

सत्ता मिली है तो अवाम को फिक्र नहीं है,

मीठे मीठे अल्फाजों से पेट नहीं भरता,

रोटी की जरूरत है उसकी जिक्र नहीं है,

भगवान सबके हैं उनका मान अवाम में,

कर्म के बिना कोई धर्म नहीं है,

कुछ काम करो आप की अवाम को रोटी मिले,

बैर भाव से कोई हल नहीं है,

लोगों के दिलों में उठते हजारों सवाल,

गरीब का रहनुमा बना था जो

उसका कोई परिणाम नहीं है ।।