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दौड़


दौड़:दौड़ रहा है हर कोई,अपनी जगह बनाने को,कोई सफर के लिये दौड़ रहा,कोई मंजिल पाने को,दौड़ दौड़ की होड लगी है,आगे निकलने को,कोई ठोकर खाकर गिर पडा,कोई जीत जाने को,हार जीत के खेल में,दौड़ रहा हर इन्सान,जीवन अब खेल बन गया,जीत हार के नाम ।।

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