इल्जाम आप लगाते हैं बार बार

चौकीदार को कठघरे में लाते हैं हर बार

अवाम को विश्वास ना होता है एकबार

इसलिए चौकीदार का सीना ५६ वार

सियासत में आरोप निराधार

बार बार,

वजूद जिनका खोया है उनका आरोप है

हथियार,

जनता का साथ विश्वास है भाई

चौकीदार ही सियासत का बादशाह

मेरे भाई ।।