बहुत सी बातें कही नहीं जाती

बस महसूस की जाती हैं,

गमों की काली रातें हों या खुशियों का उजाला

कुछ ना कुछ दर्द का साया सबके दिलों का छाला,

कोई सरे आम जाहिर करता है

कोई अपने दिल में जज्ब कर डाला ।

हर शख्स इस भागती दुनिया के दौड़ में

अपने को प्रत्याशी बना दौड़ रहा

नाम और शोहरत के इस अनोखे खेल में

इंसान खुद को मशीन बना डाला ।।