कौन जानता है जिंदगी के अनजाने पल
इंसान तो बस अपने जीने की जद्दोजहद
में गाफिल है
कोई मुफलिसी से संघर्ष करता
कोई अपने शानो शौकत के काबिल है,
ऐसा नहीं की कोई अपनी जिदंगी की बेहतरी
की ख्वाहिश नहीं रखता
अपनी मेहनत से हर काम करता है
पर किस्मत का खेल कुछ ऐसा होता है
सब कुछ करके भी खाली रहता है ।
जिंदगी एक अनजाने राह का एक सफर है
बस चलते जाना ही नियत है ।।
Posted bySahdeosingh

