अनहद भरी जिंदगी में कुछ पल सुकूनकीजिए,जो कुछ मिल रहा है उसे स्वीकार कीजिए,जीवन की विविधताओं में उलझा है इंसानवक्त नहीं है किसी को पल भर का आराम,हर चेहरे मशरूफियों से गमसार हैंउदासी से लबरेज हैं ना कोई मुस्कान है ।।