हम आम लोग दूसरों की
खुशियां देख खुश हो लेते हैं
ये चकाचौंध ये रंगीनियां
सुरमई होठों पर थिरकती
मुस्कान देख हंस लेते हैं
माना की इन मुस्कराते होठों
के पीछे ग़म की परछाइयां
हैं जो हमें दिखती नहीं ना
देखना चाहते हैं ।
ये बनावटी भले ही हों लेकिन
कुछ पल हमारे होठों पर तो
मुस्कान ला ही देते हैं ।
चाहे अभिनेता हों या नेता ये
जो दिखते हैं वो सच नहीं वो
एक मुखौटा है जो हम आम
लोगों का ध्यान अपनी ओर
खींचने का जरिया
जिसमें इन लोगों के राजसी
ठाठ का नजरिया ।।

