खुले हैं रास्ते तो बंदीशे भी होंगी

प्यार है अगर तो रंजिशें भी होंगी।

बहोत करीब से जाना है इस ज़माने को

इरादे नेक है तो साजिशें भी होंगी।

अक्सर ख्वाब में ये चांद पर टहलते हैं

गरीब लोग हैं तो ख्वाहिशें भी होंगी।

हूं ख़ामोश, सो तु खुद ही समझ लें वरना

घटाएं गरजेगी तो बारिशें भी होंगी।

सुखन के दिन है तेरे यू न इतराया कर

शब ए दुःख आएंगी तो गर्दिशें भी होंगी।