दो ही पल रुका वो, सबको दीवाना कर गया,आदमी से आदमी को ही बेगाना कर गया।सुब्ह के आग़ाज़ पे वायदे किए उसने बहोत,शाम जो आई तो उन वादों से वो मुकर गया।।
दो ही पल रुका वो, सबको दीवाना कर गया,आदमी से आदमी को ही बेगाना कर गया।
सुब्ह के आग़ाज़ पे वायदे किए उसने बहोत,शाम जो आई तो उन वादों से वो मुकर गया।।