साथ किस्मत ने मेरा छोड़ दिया है सादिक़, वादा जो था किया वो राह गया निभाने को। दर-ओ-दीवार भी अब आस-पास दिखते नहीं, जो सोचा हमने अपना हाल-ए-दिल सुनाने को।।