1 min read 800.7K reads

अच्छे दिन....


अपनी मेहनत पसीने के बिन ढूँढता हूँ, कैसे मिलता सुकून रात दिन ढूँढता हूँ। जब भी बाज़ार में मैं पहुंचता हूँ सादिक़, जेब पर हाँथ रख अच्छे दिन ढूँढता हूँ।।

Read more Earn more Learn more