हम बचपन से साथ थे फिर बड़े भी हुए,
हमने कहा था जुदा ना होगें जीवन भर ।

रुसवाई-लड़ाई सब हुई फिर भी जुदाई का डर न था,
फिर जाने क्या हुआ मैं भी करने लगा थोड़ी बेवफाई। 

उसने भी बढ़ाई दूरी फिर खत्म होने लगी अपनी कहानी, 
फिर खबर आई की करने जा रही है वो सगाई,
यूँ खत्म हुर्ई अपनी रुसवाई-लड़ाई बस रह गई जुदाई।