ये धुंध है आसमान में भी,ये धुंध दिल के हर मक़ाम में भी।एक साल चुपचाप विदा ले रहा है,नया साल दस्तक दे रहा है,मगरये धुंध है इरादों के हर निशान में भी,ये धुंध है जज़्बातों के हर बयान में भी।