पानी सी कल कल तू बही जा रही है,
ये हवा का रुख ना जाने तुझे कहा ले जा रही है।
कुछ देर ठहर जा ए जिंदगी मेरे पास,
पग पग पर इतना क्यों सता रही है।।


पानी सी कल कल तू बही जा रही है,
ये हवा का रुख ना जाने तुझे कहा ले जा रही है।
कुछ देर ठहर जा ए जिंदगी मेरे पास,
पग पग पर इतना क्यों सता रही है।।