तू मोहब्बत कर किताबों से,
कुछ ना मिलेगा फालतू के जज्बातों से,
तूने जो वादा किया है रातों से,
वो सब कर गुजर लड़ के इन हालातों से,
अगर हौसला तेरा डगमगाए,
कुछ सीख लेना बाप के तंग हालातों से,
सोच लेना अगर नहीं हुआ तो,
लोग मारेंगे ताना अपनी बातों से,
तुझ में है हुनर तुझे है करना,
भले लड़ना पड़े इन रातों से,
एक दिन ऐसा आएगा लोग बात करेंगे चौपालों से,
एक वो बाप का बेटा था जो जीत गया हालातों से।
sachin khatriſraja)


