मैं था परवाना एक बेगाना सा,

तूने बनाया मेरा अंदाज शायराना सा,

जब तुम मिली वह पल था एक अफसाना सा,

मेरे यार तेरे बिना तो अब सब है वीराना सा,

तुम दोस्त नहीं जान हो मेरी,

बस जान ले यह बात जैसे दिल लगाना सा,

हर कदम पर साथ में दूंगा,

जैसे हर दिन का मेहनताना सा,

बस जिदगी भर बना रहे अपना यह दोस्ताना सा।