मंजिल को पाने के लिए तपीश बहुत जरूरी है ,
जितना मांझी के लिए पहाड़ तोड़ना जरूरी है ,
तूं ही सचिन तूं ही मिल्खा तूं ही कल्पना माधुरी है,
बस तू हिम्मत रख मेरे यार हिम्मत बहुत जरूरी है,
कुछ भी हासिल कर लेगा तूं, मत सोच कि यह तेरी मजबूरी है,
तेरे लिए तो बस एक ही चीज जीत और जीत ही जरूरी है ,
हासिल करना सीख हार से जो कमी अधूरी है ,
तूं केवट है उस नौका का जिसके लिए मंजिल जरूरी है ,
तूने लड़ना सीखा है तुफां से तेरे बाजुओं में ताकत पूरी है ,
फिर क्यों घबराता है पगले तेरे लिए हर मंजिल एक छोटी दूरी है,
रख हौसला बढ़ता चल तूं खुदा की भी मंजूरी है ,
जो चाहता है तुझे वो मिलेगा बस मेहनत बहुत जरूरी है,
हर एक बाधा को तूं काट दे तेरे पास एक ऐसी छुरी है ,
राजा की आवाज यही है ,
तूं इस देश की धूरी है तूं इस देश की धूरी है।


