मैं उसी ख्याल मे हूं
पर तुझे सोचने का वक्त कहां
मैं उसी सवाल मे हूं
पर तुझे पूछने का वक़्त कहां
मैं उसी भीड़ मे हूं
पर तुझे ढूंढने का वक़्त कहां
मैं उसी झूठ मे हूं
पर तुझे सच्च जानें का वक़्त कहां
और अगर कभी वक़्त मिल जाए!
तो सोच लेना, पूछ लेना, ढूंढ लेना
और ये जान भी लेना,
की मैं था ,
मैं हूं ,
और मैं ही रहूंगा।


