मिलना यूँ था, यकीन करना मुश्किल है।आज भी, फर्क वही हैमुझे तुम्हारी खुशी से तसल्ली है,और तुम्हारी आँखे आज भी मेरे दुखों की रसीद तलाश रहीं हैं।✒ रूपी
मिलना यूँ था, यकीन करना मुश्किल है।आज भी, फर्क वही हैमुझे तुम्हारी खुशी से तसल्ली है,और तुम्हारी आँखे आज भी मेरे दुखों की रसीद तलाश रहीं हैं।
✒ रूपी