उड़ने के लिए परिंदे ने हवा से इजाजत तो मांगी नहीं होगी,
बरसने के लिए घटाने आसमान से इजाजत मांगी तो नहीं होगी,

यूं तो मैं भी कुदरत का हिस्सा हूं, तो मेरी जिंदगी में इतनी बंदगी क्यों ?

आजादी मुझे भी चाहिए।

✒रूपी