माना के चांद हो तुम,पर इस पर इतना गुरुर कैसाइस चमक की वजह,आखिर है तो मेरा अक्स हीतू चांद, मैं सूरज✒ रूपी
माना के चांद हो तुम,पर इस पर इतना गुरुर कैसा
इस चमक की वजह,आखिर है तो मेरा अक्स ही
तू चांद, मैं सूरज
✒ रूपी