तुम जान मेरी, जानम मेरी, ज़िन्दगी हो तुम मेरी ।
चाहत मेरी इश्क मेरा, आशिकी हो तुम मेरी ॥
तुम दिल हो, तुम ही धड़कन हो, सांस भी हो तुम मेरी ।
प्यार भी हो तुम मेरा, प्यास भी हो तुम मेरी ॥
झील सी आँखें तुम्हारी, डूब जाने दो मुझे ।
होंठ गुलाबी मधु के प्याले, प्यास बुझाने दो मुझे ॥
गोदी में सिर रख कर अपनी, प्यार करने दो मुझे ।
ज़ुल्फ़ तुम्हारी सावन की घटा, मांग भरने दो मुझे ॥
अब चाँद कहूँ या चाँदनी, चंद्रलेखा या चंद्रहास ।
क्या कहूँ तुमको सनम, तुम रहती हो दिल के पास ॥
मुझे समझ ये आये ना, दिल क्यों तुम बिन रहे उदास ।
क्या तुम हो मेरी चंद्रमुखी, और मैं तुम्हारा "देवदास" ??