
एक मित्र के घर पर एक बार,
मैंने देखा उसका विचित्र व्यवहार,
एक तस्वीर के आगे धूप जलाई , हाथ जोड़े , शीश नवाया,
परन्तु कुछ भी मेरी समझ में न आया।
आप सोच रहे होंगे - क्यों,
आखिर क्यों समझ में न आया,
ऐसा तो सभी लोग करते हैं,
तस्वीरों के आगे धूप जलाते हैं और नमन करते हैं,
तो साहब - इसका कारण था '' खाली फ्रेम''
जी हाँ खाली फ्रेम!
उसमे न कोई तस्वीर थी, न कोई चित्र कुछ नहीं,
मैंने पूछा- भाई इस खाली फ्रेम के आगे सर झुकाया है,
तुमने इसमें कोई फोटो क्यों नहीं लगाया है ?
वह बोला-मेरा इस खाली फ्रेम के प्रति इतनी श्रद्धा व प्रेम क्यों है
यह जानना चाहते हो की मेरे घर में यह खाली फ्रेम क्यों है।
तो सुनो - यह स्वतंत्रता संग्राम के उस शहीद की
Read More! Earn More! Learn More!
