अपने मंजर देखें नहीं हमने,दुनियादारी को गुनहगार बताते रहे,गुनहगार तो हम खुद थे किदुनिया के मंजर को ही निहारते रहे।
अपने मंजर देखें नहीं हमने,दुनियादारी को गुनहगार बताते रहे,
गुनहगार तो हम खुद थे किदुनिया के मंजर को ही निहारते रहे।